Sunday, September 18, 2011

ज्ञान स्वभावी आत्मा , ज्ञाता द्रष्टा एक

ज्ञान स्वभावी आत्मा , ज्ञाता द्रष्टा एक
निज पर को यह जानता,सब सामान्य विशेष
मात्र ज्ञान स्वभाव है , है ज्ञान ही इसका कर्म
करता धरता मानना , यह मिथ्यात्व अधर्म

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