क्या है चरित्र और ईमान ?
दुनिया में
सहज सुलभ वस्तु
बहुत सस्ती बिक जाती हें
और
दुर्लभ वस्तुएं
भावों में कीर्तिमान बनाती हें
पर एक समय
यह नियम टूट जाता है
जब बिक्री के लिए
बाजार में
चरित्र व ईमान आता है
(ये दुर्लभ वस्तुएं हें और बहुत सस्ती बिक जातीं हें )
इससे सिद्ध होता है
क़ि चरित्र और ईमान
बाजारू चीजें नहीं हें
क्योंकि ये बाजार के नियमों का पालन नहीं करतीं
भगवान की मूरत मंदिर में पूजी तो जा सकती है
बाजार में कभी कीमत नहीं पा सकती
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