Thursday, October 27, 2011

Parmatm Prakash Bharill: न ग़मों का कोई भी साथी , अकेले हें ये एकाकी ,...

Parmatm Prakash Bharill: न ग़मों का कोई भी साथी , अकेले हें ये एकाकी ,...: दुनिया में सबसे कमजोर यदि कोई है , सबसे तन्हा (अकेला ) यदि कोई है तो वे हें दुःख , उनका कोई संगी ,साथी और शुभचिंतक नहीं है, और तो और सभी उन...

No comments:

Post a Comment