यत्र तत्र सर्वत्र है , यहीं है वो बस यहीं
रे! मौत तेरे पास ही है , तूने उसे देखा नहीं
जिन्दगी वा मौत में है , न था कोई फासला
न लक्ष्य बिन जीना भला,न बिन बात के मरना भला
यदि मौत जल्दी आगई , कैसा गिला किससे गिला
जितना भी जीवन तू जिया,उसमें बता क्या क्या मिला
भरपूर तू जी ले इसे तू जिन्दगी से प्यार कर
जब मौत आ ही जाए तब,उससे न तू इन्कार कर
यूं भी तेरी चाहतों से , इनका न सारोकार है
नियत है सब नियति में,तू बस ज्ञान का हकदार है
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