Friday, September 2, 2011

यदि मौत जल्दी आगई , कैसा गिला किससे गिला

यत्र तत्र सर्वत्र है , यहीं है वो बस यहीं

रे! मौत तेरे पास ही है , तूने उसे देखा नहीं

जिन्दगी वा मौत में है , न था कोई फासला

न लक्ष्य बिन जीना भला,न बिन बात के मरना भला

यदि मौत जल्दी आगई , कैसा गिला किससे गिला

जितना भी जीवन तू जिया,उसमें बता क्या क्या मिला

भरपूर तू जी ले इसे तू जिन्दगी से प्यार कर

जब मौत आ ही जाए तब,उससे न तू इन्कार कर

यूं भी तेरी चाहतों से , इनका न सारोकार है

नियत है सब नियति में,तू बस ज्ञान का हकदार है

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