Thursday, September 15, 2011

Parmatm Prakash Bharill: मनुष्य भूलों का भण्डार है

Parmatm Prakash Bharill: मनुष्य भूलों का भण्डार है: मनुष्य भूलों का भण्डार है बीत गई अब रात , जाने दीजिये , कल क्या हुआ , न ताने दीजिये , आधे-अधूरे हम बने हें , क्या कमी है शिकवों की , खताएं...

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