Wednesday, September 28, 2011

वहां हम अनंत संभावनाओं की तलाश करने लगते हें .

जहाँ हमें वस्तु स्वरुप में परिवर्तन की जरा सी गुंजायश दिखाई देती है वहां हम अनंत संभावनाओं की तलाश करने लगते हें .
परमात्म प्रकाश भारिल्ल ,क्या मृत्यु अभिशाप है ? -पेज-20

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