दुनिया में चमत्कार कुछ भी नहीं ,जो हुआ है वह हो सकता था ,वह संभव था इसलिए हुआ है तब चमत्कार कैसा ? यदि होना संभव नहीं था तो हुआ कैसे ?
इसलिए चमत्कार कुछ भी नहीं .
हाँ ! हम नहीं जानते थे क़ि ऐसा हो सकता है इसलिए हमें आश्चर्य होता है , यह तो हमारा अज्ञान है.
हम नहीं कर सकते यह तो हमारी कमजोरी है .
-परमात्म प्रकाश भारिल्ल
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