Monday, September 5, 2011

आसमाँ में सितारे , कुछ और भी तो हें

ये बन चुका हकीकत है , पर सपने कुछ और भी तो हें
कब कहा मैंने ,गैर हो तुम,पर अपने कुछ और भी तो हें
न गम है गर क़ि बुझ जाये ,अरमानों का ये दीपक
आसमाँ में सितारे , कुछ और भी तो हें
--परमात्म प्रकाश भारिल्ल -27 अप्रेल 1981

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