Monday, September 5, 2011

जिन्दगी पर बलात्कार

मंहगाई , भुखमरी , भ्रष्टाचार ,
गरीबी , वेवसी , अत्याचार
भोगता है आदमी
कर रहा है
जिन्दगी पर बलात्कार

--परमात्म प्रकाश भारिल्ल -25 अप्रेल 1981

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