Wednesday, September 28, 2011

Parmatm Prakash Bharill: तब हम अपना यह जीवन धनोपार्जन में कैसे झोंक सकते हे...

Parmatm Prakash Bharill: तब हम अपना यह जीवन धनोपार्जन में कैसे झोंक सकते हे...: मेरा द्वंद्व- जिस पैसे के लिए हम अपना सारा जीवन झोंक डालते हें ,क्या वह सम्पूर्ण पैसा देकर भी हम पुन: जीवन का एक क्षण भी खरीद सकते हें ? नही...

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